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9 अल-कायदा के आतंकवादी केरल में गिरफ्तार, बंगाल में छापे: जांच एजेंसी एनआईए

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Saturday, September 19, 2020


 

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को कहा कि उसने भारत में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर हमला करने के लिए पाकिस्तान प्रायोजित अल-कायदा मॉड्यूल योजना का भंडाफोड़ किया है और दिल्ली एनसीआर सहित कई स्थानों पर आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए प्रेरित किया है। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और केरल के एर्नाकुलम में एक साथ छापे में शनिवार सुबह मॉड्यूल के नेता सहित नौ आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया।


प्रारंभिक जांच के अनुसार, गिरफ्तार किए गए नौ आरोपियों को सोशल मीडिया पर पाकिस्तान स्थित अल-कायदा के आतंकवादियों ने कट्टरपंथी बनाया और दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सहित कई स्थानों पर हमले करने के लिए प्रेरित किया। इस उद्देश्य के लिए, मॉड्यूल - मुर्शिदाबाद निवासी अबू सुफियान के नेतृत्व में, जो गिरफ्तार 9 में से एक है - सक्रिय रूप से धन उगाहने में शामिल था और गिरोह के कुछ सदस्य हथियार और गोला-बारूद की खरीद के लिए नई दिल्ली की यात्रा करने की योजना बना रहे थे। हथियारों को पहुंचाने के लिए कश्मीर की यात्रा की योजनाएं शामिल थीं। एनआईए ने कहा कि शनिवार की गिरफ्तारी से देश के विभिन्न हिस्सों में संभावित आतंकवादी हमले पहले से संभव हैं।


गिरफ्तार किए गए नौ आरोपियों की पहचान की गई है - मुर्शिद हसन, इयाकुब विश्वास और मोसरफ हुसैन, ये तीनों वर्तमान में एर्नाकुलम, केरल में स्थित हैं; नजमुस साकिब के अलावा, अबू सुफियान, मन्नुल मोंडल, लेउ यीन अहमद, अल मामुन कमाल और अतितुर रहमान, सभी आर / ओ मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल। केरल में गिरफ्तार लोगों में सभी नौ पश्चिम बंगाल के हैं। एनआईए ने पहले पश्चिम-बंगाल और केरल सहित भारत के विभिन्न स्थानों पर अल-कायदा के गुर्गों के एक अंतर-राज्य मॉड्यूल के बारे में सीखा था और 11 सितंबर, 2020 को इस संबंध में एक मामला दर्ज किया था। समूह महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर आतंकवादी हमलों की योजना बना रहा था। भारत में निर्दोष लोगों को मारने और उनके दिमाग में आतंक फैलाने के उद्देश्य से, एनआईए ने कहाकी गई नौ गिरफ्तारियों में से छह पश्चिम-बंगाल और तीन केरल की थीं। डिजिटल उपकरणों, दस्तावेजों, जिहादी साहित्य, तेज हथियार, देश-निर्मित आग्नेयास्त्रों, स्थानीय स्तर पर निर्मित शरीर कवच, घर बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले लेखों और साहित्य सहित बड़ी मात्रा में घटिया सामग्री को अपने कब्जे से जब्त कर लिया गया है। पटाखे, स्विच और बैटरी के बक्से, जो एनआईए ने कहा कि आईईडी इकट्ठा करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था, मुर्शीदाबाद में अबू सुफियान के घर से गिरफ्तार आरोपियों से बरामद किया गया था। नौ आतंकवादियों को पुलिस हिरासत और आगे की जांच के लिए केरल और पश्चिम बंगाल में संबंधित अदालतों के समक्ष पेश किया जाएगा।

सेना ने LAC पर अगले एक साल के लिए की तैयारी, सैनिकों को लिए 'एडवांस विंटर स्टॉक' शुरू किया

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Wednesday, September 16, 2020



 दिल्ली: पिछले चार महीनों से पूर्वी लद्दाख से सटी लाइन ऑफ एक्चुयल कंट्रोल यानि एलएसी पर भारत और चीन की सेनाओं के बीच टकराव खत्म होता नहीं दिख रहा है. ऐसे में भारतीय सेना एक लंबे टकराव की तैयारी कर रही है. इसके लिए सेना ने सैनिकों को लिए 'एडवांस विंटर स्टॉक' शुरू कर दिया है.


क्योंकि पूर्वी लद्दाख के जिन इलाकों में भारतीय सेना का चीन से टकराव चल रहा है वो बेहद ही दुर्गम इलाका है और वहां तक सर्दियों के मौसम में सप्लाई लाइन को सुचारू रूप से चलाना बेहद मुश्किल काम होता है. आखिरकार भारत की सर्दियों के मौसम के लिए क्या तैयारिया हैं. ये जानने के लिए एबीपी न्यूज की टीम सेना के फॉरवर्ड सप्लाई डिपो पर पहुंची. यहां सेना के गोदामों में खाने-पीने का स्पेशल राशन से लेकर ड्राइ राशन से अटे पड़े हैं. टॉफी-चॉकलेट, बॉनबिटा से लेकर दाल, चावल, आटा, बेसन सब कुछ गोदामों में भरा पड़ा है.


एबीपी न्यूज को मिली एक्सक्लुजिव जानकारी के मुताबिक, लेह-लद्दाख में तैनात 14वीं कोर में अगले एक साल का स्टॉक पूरा कर लिया गया है. यानि अगर लेह-लद्दाख में अगले एक साल तक भी कोई सप्लाई ना हो तब भी एलएसी पर तैनात 50 हजार सैनिकों के खाने पीने का इंतजाम है. ये इसलिए मुमकिन हो पाया है क्योंकि भारतीय सेना 13 लाख सैनिकों के साथ दुनिया की दूसरी सबसए बड़ी सेना है. इतनी बड़ी सेना की जरूरतों के लिए भारत हमेशा तैयार रहता है. साफ है कि भारतीय सेना भी दुनिया की दूसरी सेनाओं की तरह है 'आर्मी मार्चेस ऑन इट्स स्टोमक' पर विश्वास करती है.


लद्दाख में सेना के ना केवल गोदाम राशन और खाने पीने से भरे पड़े हैं बल्कि फ्यूल डिपो तक फुल हैं. सेना की मूवमेंट यानि ट्रक से लेकर दूसरी गाड़ियों और सैनिकों के हीटर और खास बुखारी-अंगठियों के लिए जरूरत तेल से पूरी डिपो भरा हुआ है. सुरक्ष की दृष्टि से एबीपी न्यूज सैकड़ों एकड़ में फैल फॉरवर्ड फ्यूल डिपो को नहीं दिखा सकता, लेकिन सेना की आर्मी सर्विस कोर (एएससी) के संचालित इस डिपो से एक बार गाड़ियों के काफिले को निकालता देख इसका अंदाजा सहज लगाया जा सकता है.


लेह स्थित 14वीं कोर के चीफ ऑफ स्टाफ, मेजर जनरल अरविंद कपूर ने एबीपू न्यूज से साफ कहा कि पिछले 20 सालों में भारतीय सेना ने लद्दाख में अपने ऑप्स-लॉजिस्टिक यानि ऑपरेशन्स से जुड़े लॉजिस्टिक की जरूरतों पर पूरी तरह से काबू कर लिया है. साथ ही अब किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है. सेना की फॉरवर्ड लोकेशन्स पर खड़ी गाड़ियों और हाईवे पर गुजरते सेना के ट्रकों को देखकर सहज अंदाजा लगाय जा सकता है कि भारत की चीन के खिलाफ कैसी तैयारियां हैं. मेजर जनरल कपूर के मुताबिक, ना केवल खाने पीने का सामान बल्कि भारतीय सेना को एम्युनिशेन-डिपो‌ यानि गोला-बारूद भी पर्याप्त मात्रा में हैं.


एबीपी न्यूज़ इस दौरान सेना के एक वर्कशॉप पहुंचा जहां बोफोर्स तोप और एंटी एयरक्राफ्ट गन की रिपेयर चल रही थी. यानि वॉर फाइटिंग इक्युपमेंट को मिशन-कैपेबल बनाया जा रहा था. आपको बता दें कि सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर (14वीं कोर) की ऑप्स-लॉजिस्टिक्स (ऑपरेशन-लॉजिस्टिक्स) विंग ने दूर-दराज सरहद पर तैनात सैनिकों को खाना-पीना और राशन इत्यादि को पहुंचाना शुरू कर दिया है, फिर वो कितनी ही विषम परिस्थितियां क्यूं ना हों. इसके लिए सेना की सर्विस कोर (आर्मी सर्विस कोर) से लेकर एविएशन-विंग और वायुसेना की मदद ली जा रही है.


यहां ये बताना भी जरूरी है कि सेना के लिए करगिल-द्रास से लेकर सियाचिन और पूर्वी लद्दाख में सप्लाई करना कोई नया काम नहीं है. करगिल-द्रास और सियाचिन भी उसी लद्दाख का हिस्सा हैं जहां एलएसी पर चीन से इनदिनों टकराव चल रहा है. लेकिन इस बार मुश्किल बड़ी इसलिए है क्योंकि अब पूर्वी लद्दाख में सैनिकों की संख्या दो से ढाई गुना ज्यादा है.


एक अनुमान के मुताबिक, सर्दियों के मौसम के लिए हर साल पूरे लद्दाख में तैनात पूरी एक कोर (जिसमें 30-40 हजार सैनिक होते हैं) करीब 3 हजार मैट्रिक टन राशन की जरूरत पड़ती है, ऐसे में अब ये तीन गुना बढ़ गया है. सैनिकों के राशन में पैकेड फूड, दाल, फ्रूट जूस इत्यादि रहता है. सूखा आटा, चावल, दावल, मीट भी‌ सेना की फील्ड-फॉरमेशन्स को उनकी जरूरत के हिसाब से भेजी जाती हैं.


यहां पर ये भी समझना जरूरी है कि पूर्वी लद्दाख दुनिया के सबसे दुर्गम इलाकों में से एक है. वहां तक पहुंचने के लिए दुनिया के कम से कम तीन या चार सबसे उंचाई और खतरनाक दर्रो को पार करना पड़ता है. पूर्वी लद्दाख तक पहुंचने के लिए एक रूट है श्रीनगर और सोनमर्ग के जरिए करगिल-द्रास और लेह के जरिए. नेशनल हाईव नंबर वन (1) के जरिए यहां से पहुंचा तो जा सकता है लेकिन ये रूट दुनिया के सबसे खतरनाक दर्रे, जोजिला-पास से होकर गुजरता है.


ये रूट साल में छह महीने (अक्टूबर-मार्च) के लिए बंद रहता है. क्योंकि इस दर्रे के करीब 25-30 किलोमीटर के स्ट्रेच पर जमकर बर्फबारी होती है जिससे ये रास्ता पूरी तरह से बाकी देश से कट जाता है. बॉर्डर रोड ऑर्गेनेजाइजेशन यानि बीआरओ हर साल मार्च-अप्रैल में इस रास्ते पर जमी कई फीट उंची बर्फ को हटाकर या काटकर ये रास्ता खोलता है. तबतक ये रास्ता पूरी तरह बंद रहता है.


दूसरा रूट है कुल्लु-मनाली और रोहतांग पास से कारू पहुंचना का. लेकिन रोहतांग पास भी साल में चार-पांच महीने बंद रहता है. रोहतांग टनल पर काम जोरो-शोरो से चल रहा है ताकि ये रूट 12 महीने खुला रहे. लेकिन अभी भी इस टनल का काम पूरा नहीं हो पाया है.


लेकिन लेह और कारू तक पहुंचने के बाद भी राशन और दूसरी सप्लाई को पूर्वी लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी, डेपासांग प्लेन्स, गलवान घाटी, गोगरा और पैंगोंग-त्सो लेक से सटे फिंगर-एरिया तक पहुंचने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है. पूर्वी लद्दाख से सटे इन इलाकों तक पहुंचने के लिए दुनिया की तीसरी सबसे उंची सड़क, चांगला-पास यानि दर्रे से होकर गुजरना पड़ता है, जिसकी ऊंचाई करीब साढ़े सत्रह हजार (17,500) फीट है.


ट्रकों के जरिए सैनिकों के लिए खाने-पीने का सामान और राशन पहुंचाया जाता है. इस सड़क पर सर्दियों के मौसम में भारी बर्फ होती है और एवलांच का खतरा भी बना रहता है. ऐसे में सप्लाई को अक्टूबर के मौसम तक में ही पहुंचाने की कोशिश रहेगी. चांगला पास से आगे का सफर काफी मैदानी-क्षेत्र से होकर गुजरता है. चांगला से दुरबुक-श्योक-गलवान-डीबीओ रोड तक ट्रक आसानी से जा सकते हैं.


ऐसे ही दुरबुक से दूसरा रूट लुकुंग और पैंगोंग-त्सो लेक के लिए चला जाता है. लुकुंग से एक रास्ता फोबरांग और दुनिया की सबसे उंची सड़क, मरसिमक-ला (तिब्बती भाषा में दर्रे को ला कहते हैं) के जरिए चंग-चेनमो नदी होते हुए हॉट-स्प्रिंग के लिए चला जाता है. फोबरांग से ही एक दूसरा रास्ता फिंगर एरिया के लिए चला जाता है.


उत्तरी कमान की ऑप्स-लॉजिस्टिक लेह स्थित कोर के साथ मिलकर सेना की एविएशन विंग और वायुसेना के साथ मिलकर भी सर्दियों के मौसम में सैनिकों तक राशन, दवाई और दूसरा जरूरी सामान भी भेजता है. इसके लिए दिल्ली, चंडीगढ़ और जम्मू से वायुसेना के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट्स में सामान लाद कर भेजा जाता है. लेह पहुंचने के बाद इस राशन को सेना और वायुसेना के हेलीकॉप्टर्स के जरिए डीबीओ, नेयोमा और फुकचे एडवांस लैंडिग ग्राउंड भेजा जा रहा है.


वहां से सेना की सर्विस कोर के जवान इस सामान को सरहद पर तैनात सैनिकों तक पहुंचा रही है. लेकिन वहां तक पहुंचना भी कोई आसान काम नहीं है. इस समय पूर्वी लद्दाख से सटी सीमावर्ती इलाकों में सैनिक 15-16 हजार फीट की ऊंचाई पर तैनात हैं. वहां तक पैदल ही खाने-पीने का सामान सैनिकों तक पहुंचाया जा रहा है.


आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले ही एबीपी न्यूज ने अपनी खास रिपोर्ट में बताया था कि इन दुर्गम इलाकों में सैनिकों के लिए खाना-पीना और राशन सहित गोला-बारूद और सैन्य साजो सामान पहुंचाने के लिए सेना की आरवीसी कोर यानि रिमाउंटेंड एंड वेटनरी कोर डीआरडीओ की लेह स्थित, डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ हाई ऑल्टिट्यूड रिसर्च (डीएएचआईआर) लैब में डबल-हंप बैक्ट्रियन कैमल यानि उंटों को पैट्रोलिंग से लेकर सामान उंचे पहाड़ों तक ले जाने के लिए तैयार कर रही है.


ये खास तरह के उंट लद्दाख की नुब्रा-वैली में पाए जाते हैं और यहां की जलवायु और क्षेत्र से पूरी तरह वाकिफ हैं. लेकिन इन बैक्ट्रियन उंटों की संख्या बेहद कम है. ऐसे में राजस्थान में पाए जाने वाले ऊंटों को भी डीएएचआईआर लैब में तैयार किया जा रहा है ताकि इन्हें भी सेना की मदद में तैनात किया जा सके.


लेह स्थित डीआरडीओ की ये लैब लद्दाख की जलवायु और भू-भाग के अनुसार सब्जियों और फलों की प्रजातियां तैयार करती है. ताकि इस‌ इलाके के दूर-दराज गांवों में किसान इन्हें बड़ी मात्रा में उगा सकें और सेना की यूनिट्स तक पहुंचा सकें ताकि सैनिकों को ताजी सब्जी, फल और भरपेट खाना मिल सके. क्योंकि पुरानी कहावत है- आर्मी मार्चेस ऑन इन स्टोमक यानि सेना पेट के बल आगे बढ़ती है. अगर पेट खाली हुआ तो सैनिक जंग के मैदान में आगे नहीं बढ़ पाएंगे.


हाल ही में थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने लेह-लद्दाख का दौरा किया था. इस दौरान जनरल नरवणे ने एलएसी पर चीन के खिलाफ सेना की तैयारियों का तो जायजा लिया ही साथ ही सर्दी में सैनिकों के राशन, खाने-पीने, बैरक और दूसरे लॉजिस्टिक और इंफ्रास्ट्रक्चर की भी समीक्षा की थी. ये इसलिए क्योंकि अक्टूबर से पूर्वी लद्दाख में जमकर बर्फ पड़नी शुरू हो जाएगी और तापमान माइनस (-) 40 डिग्री तक पहुंच जाएगा.

CBSE नतीजों पर नाखुश छात्रों से PM मोदी ने क्या कुछ कहा है, जानिए क्या सलाह दी

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Wednesday, July 15, 2020

नयी दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कल 10वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है. इस बार दसवीं का रिजल्ट 91.46 प्रतिशत रहा है. वहीं इस रिजल्ट में जिन छात्रों के हाथ असफलता लगी है उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हौंसला दिया है। 

बता दें कि बुधवार को सीबीएसई ने 10वीं का रिजल्ट जारी किया है. इसमें लड़कियों के पास होने का परसेंटेज लड़कों की तुलना में 3.17 फीसदी अधिक रहा और कुल 91.46 फीसदी छात्र पास हुए।  
इस साल 10वीं कक्षा में कुल 91.46 फीसदी छात्र पास हुए, जबकि 2019 में 91.10 फीसदी छात्र पास हुए थे. यानी, पिछले साल की तुलना में इस साल 0.36 फीसदी अधिक छात्र पास हुए। 



पीएम मोदी ने ट्वीट कर ऐसे छात्रों को निराश न होने की सलाह दी.






मोदी ने ट्वीट के जरिए कहा, "10वीं और 12वीं की सीबीएसई परीक्षा में पास मेरे युवा साथियों को बधाई. मैं आप सभी के उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं." उन्होंने कहा कि जो इन परिणामों से खुश नहीं हैं उनसे वे कहना चाहते हैं कि एक परीक्षा यह परिभाषित नहीं करती कि वे कौन हैं. पीएम मोदी ने कहा, "आप सभी में प्रतिभा कूट-कूट कर भरी हुई है. जिंदगी को जी भर कर जियें. उम्मीद का दामन कभी मत छोड़िये, हमेशा भविष्य की ओर देखिए. आप सब चमत्कार करोगे."



पति-पत्नी पर लाठीचार्ज के वायरल वीडियो पर शिवराज की कार्रवाई, कलेक्टर-एसपी और आईजी को हटाया

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भोपालः मध्यप्रदेश के गुना में सरकारी जमीन पर खेती कर रहे किसान पति-पत्नी ने आत्महत्या की कोशिश करने की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
 


शिवराज सरकार ने जिले के कलेक्टर, एसपी और ज़ोन के आईजी को हटाकर घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। 


वायरल विडियो को ज्योतिरादित्य सिंधिया के गुना जिले से जोड़ कर सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा था, 
\जिसके बाद सिंधिया ने सीएम शिवराज से इस बारे में बात की और देर रात अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गयी.


क्या है पूरा माजरा? 

गुना के सरकारी पीजी कॉलेज की जमीन पर राजकुमार अहिरवार लंबे समय से खेती कर रहे थे,दो दिन पहले गुना प्रशासन के अधिकारी पुलिस दल के साथ सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने पहुंचे थे। 

मंगलवार दोपहर अचानक गुना नगर पालिका का अतिक्रमण हटाओ दस्ता एसडीएम के नेतृत्व में यहां पहुंचा और राजकुमार की फसल पर जेसीबी चलवाना शुरू कर दिया.


राजकुमार ने विरोध किया तो पुलिस ने उसे पकड़ लिया. राजकुमार ने इस दौरान बताया कि ये उसकी पैतृक जमीन है और यहीं उसके दादा-परदादा के वक्त से ही खेती करते आ रहे हैं. अहिरवार ने साथ ही माना कि उसके पास जमीन का पट्टा नहीं है.


कर्ज लेकर कर रहे थे खेती 

अहिरवार के बाद उसकी पत्नी ने भी जान देने की कोशिश की. इसी दौरान, अतिक्रमण हटाने आए दस्ते के लोगों ने दोनों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. बाद में दोनों को जबरन अस्पताल पहुंचाया गया.


उन्होंने कहा कि जब जमीन खाली पड़ी थी तो कोई नहीं आया और फिर उन्होंने 4 लाख रुपए का कर्ज लेकर बुवाई की. उन्होंने कहा कि अब जब फसल अंकुरित हो आई है, तो इस पर बुल्डोजर न चलाया जाया. अहिरवार ने कहा कि उनके परिवार में 10-12 लोग हैं और ऐसे में उनके पास आत्महत्या के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है.

इस घटना के बारे में गुना तहसीलदार निर्मल राठौर ने कहा, “भूमि की नाप के बाद जब जेसीबी से कब्जा हटाया जा रहा था. उस वक्त जो बटाईदार हैं, उन्होंने किसी जहरीली वस्तु का सेवन कर लिया. उन्हें इलाज के लिये अस्पताल भेज दिया गया है.” 

अस्पताल में राजकुमार की पत्नी की हालत नाजुक बताई जा रही है। 


कानपुर पुलिस के सामने से किडनैपर 30 लाख रुपया ले के फरार घर बेच के परिजन पैसा इकट्ठा किए थे

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पिछले कुछ दिनों से कानपुर की पुलिस काफ़ी चर्चा में है विकास दुबे कांड के वजह से अब एक नया मामला सामने आया है एक परिवार ने 14 जुलाई को SSP office के सामने धरना दिया , कारण परिवार के एक सदस्य का 22 दिन पहले अपहरण हो गया था और अभी तक पुलिस अपहरण करने वालो तक नहीं पहुंच पाई आरोप ये भी है कि पुलिस की मौजूदगी में किडनैपर 30 लाख रुपया लेके फरार हो गया और पुलिस कुछ नहीं कर पाई
पूरा मामला
मामला कानपुर के बर्रा इलाके का है., 22 जून की शाम संजीत यादव नाम का एक व्यक्ति गायब हो गया. वो 29 बरस का था. बर्रा का रहने वाला था. एक पैथोलॉजी लैब में काम करता था. काम से ही शाम के वक्त घर लौट रहा था, लेकिन घर पहुंचा नहीं. फिर कुछ दिन बाद उसके परिवार के पास एक फोन आया. कॉल करने वाले ने बताया कि संजीत को उसने किडनैप कर लिया है. उसे छोड़ने के बदले में 30 लाख रुपए मांगे. 15 बार फोन किया.संजीत के परिवार से रंजय सिंह ने बात की. संजीत की बहन रुचि ने बताया कि जब उन्होंने पुलिस को किडनैपर के कॉल के बारे में जानकारी दी, तब गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करके पुलिस ने उनसे कहा,
की पैसों का इंतजाम करके आप किडनैपर को देने जाए और हम उसी वक्त उस पकड़ लेंगे
ये पुलिस की प्लानिंग थी , और उन्होंने किया भी ऐसे ही किडनैपर के बताए जगह पे पैसे लेकर पुलिस के साथ उनके पिता पहुंच गए , किडनैपर ने हाईवे के नीचे पैसे फेकने को कहा उन्होने पैसे फ़ेंक दिए और किडनैपर पैसा लेके भाग गया पुलिस पकड़ नहीं पाई
रूचि ( संजीत की बहेन )मीडिया से बताया
“पुलिस ने पैसों का इंतज़ाम करने कहा, तो हमने हमारा घर बेच दिया. मेरी शादी के लिए जो पैसे जोड़कर रखे थे, वो लगा दिए. गहने बेच दिए. पैसे बैग में रखकर मेरे पिता किडनैपर को देने गए. 30 मिनट तक किडनैपर उनसे फोन पर बात करता रहा. हाईवे पर बुलाया. पुलिस को क्या इतना समझ नहीं आ रहा था कि वो हाईवे से नीचे बैग फेंकने कह सकता है. हमने तो साउथ SP (सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस) अपर्णा मैम से भी कहा था कि वो बैग में कोई चिप लगा दें, ताकि असली किडनैपर तक पहुंचा जा सके. लोकेशन का पता चले. मैडम ने हमें हड़का दिया था, कहा था कि इतनी छोटी-छोटी बातें लेकर क्यों आ रही हो. हमारे पैसे चले गए, भाई भी नहीं आया. मुझे मेरा भाई चाहिए.”

3 बार आल इंडिया, 9 नेशनल ओर 24 बार स्टेट खेलने वाली खिलाड़ी कर रही है मनरेगा में दिहाड़ी

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Sunday, July 12, 2020

3 बार आल इंडिया, 9 नेशनल ओर 24 बार स्टेट खेलने वाली खिलाड़ी कर रही है मनरेगा में दिहाड़ी


 बेहतरीन खेल नीति का दम भरने वाली हरियाणा सरकार में राष्ट्रीय खिलाड़ियों की ऐसे अनदेखी होगी किसी ने सोचा भी नही होगा। रोहतक जिले के इंदरगढ़ गांव की रहने वाली राष्ट्रीय वुशु खिलाड़ी शिक्षा इन दिनों तंगी की हालत में मनरेगा में मजदूरी कर रहीं है। खुद की मनरेगा कॉपी न बनने के कारण शिक्षा माता-पिता की सहायता करवाती है और 2 रोटी के लिए संघर्ष कर रही है।

शिक्षा सुबह 6 बजे कंधों पर कस्सी लादकर माता-पिता के साथ मनरेगा में मजदूरी का काम करने जाती है और जी तोड़ मेहनत कर दो पैसों का इंतजाम करती है। लॉकडाउन के दौर में सब कुछ बंद है काम धंधे ठप है ऐसे में सरकार द्वारा शुरू की गई मनरेगा स्कीम के तहत मजदूरों का गुजारा हो रहा है। यही नहीं शिक्षा को जब मनरेगा में काम नही मिलता या मनरेगा का काम बंद हो जाता है तो खेत मे काम करती है। शिक्षा दूसरे मजदूरों की तरह ही खेत मे धान लगाने का काम करती है। इससे पहले भी माता-पिता ने दिहाड़ी मजदूरी कर बेटी को चैम्पियन बनाया और इस मुकाम तक पहुंचाया है। शिक्षा तीन बार ऑल इंडिया 9 बार राष्ट्रीय चौंपियन और 24 बार स्टेट में चैम्पियन रह चुकी है। शिक्षा वुशु में हरियाणा में गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी है ऐसे में सरकार द्वारा शिक्षा की कोई सहायता नहीं की गई है जिसके बाद लॉकडाउन में शिक्षा मनरेगा में काम करने पर मजबूर है।

दूसरी ओर राष्ट्रीय चैम्पियन की हालत पर माता-पिता का कहना है कि बेटी को इस मुकाम तक पहुंचाने में बड़ी मेहनत लगी। उन्होंने कहा कि बेटी को दिहाड़ी मजदूरी करके ही पढ़ाया लिखाया और खिलाड़ी बनाया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पेट भरने के लिए दिहाड़ी करनी पड़ती है जिसमें बेटी हाथ बटाती है। तो वहीं दूसरी ओर वुशु खिलाड़ी शिक्षा का कहना है कि मजबूरी में मजदूरी करनी पड़ती है।

चीन का आर्थिक बहिष्कार: हीरो साइकिल ने दिया चीन को बड़ा झटका, रद्द की 900 करोड़ की डील

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Tuesday, July 07, 2020


नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद से भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव की स्थिति बनी हुई है. इस घटना के बाद से देश में हर मोर्चे पर चीन का विरोध हो रहा है. कई बड़ी कंपनियों ने इस खूनी संघर्ष के बाद चीन के साथ अपने कॉन्ट्रैक्ट समाप्त किए हैं. इसी कड़ी में साइकिल बनाने वाली कंपनी हीरो साइकिल ने भी बड़ा फैसला लेते हुए चीन के साथ अपनी 900 करोड़ रुपये की डील रद्द कर दी. इससे पहले देशहित में बड़ा फैसला लेते हुए हीरो साइकिल ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकार को 100 करोड़ रुपये दान में दिए थे.

चीनी उत्पादों का बहिष्कार करना हमारी प्रतिबद्धता है- हीरो साइकिल

हीरो साइकिल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज मुंजाल ने कहा कि कंपनी को चीन के साथ 900 करोड़ रुपये का कारोबार करना था, लेकिन अब उन योजनाओं को रद्द कर दिया गया है. यह फैसला चीनी उत्पादों के बहिष्कार के तौर पर लिया गया है.

उन्होंने कहा, "आने वाले 3 महीनों में हमें चीन के साथ 900 करोड़ रुपये का कारोबार करना था, लेकिन हमने उन सभी योजनाओं को अब रद्द कर दिया है. चीनी उत्पादों का बहिष्कार करना हमारी प्रतिबद्धता है."

चीनी सामान का बहिष्कार संभव- मुंजाल

मुंजाल ने कहा कि हीरो साइकिल अब जर्मनी में अपना प्लांट लगाने जा रही. उन्होंने बताया कि बीते दिनों साइकिल की डिमांड बढ़ी है और हीरो साइकिल की तरफ से अपनी कैपेसिटी भी बढ़ाई गई है. हालांकि, इस दौरान साइकिल की छोटी कंपनियों को नुकसान भी हुआ है. ऐसे में हीरो साइकिल उनकी भरपाई के लिए तैयार है.

उन्होंने आगे कहा कि चीनी सामान का बहिष्कार आसानी से किया जा सकता है. जब भारत में कंप्यूटर बन सकते हैं, तो साइकिल क्यों नहीं. भारत में हर तरह की साइकिल का निर्माण संभव है.

विकाश दुबे का करीबी 25 हज़ार का ईनामी अमर दुबे हमीरपुर एनकाउंटर में ढेर

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*29 जून को हुई थी शादी 
*विजय दुबे की करीबी मरा गया
*हमीरपुर के मौदहा में हुआ एनकाउंटर  


मोस्ट वांटेड विकास दुबे की तलाशी के दौरान उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में पुलिस का बड़ा एक्शन हुआ है. हमीरपुर के मौदाहा में मुठभेड़ में पुलिस ने विकास दुबे का दाहिना हाथ माने जाने वाले अमर दुबे को मार गिराया है. अमर को विकास दुबे गैंग का शातिर बदमाश माना जाता है.

2 जुलाई की रात कानपुर देहात के बिकरू गांव में शूटआउट के मामले में भी अमर दुबे की तलाश थी. यूपी पुलिस ने जिन अपराधियों की तस्वीरें जारी की थी, उसमें अमर दुबे का नाम सबसे ऊपर था. पुलिस ने उस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया था. एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, वो मुख्य आरोपी विकास दुबे का चचेरे भाई का लड़का था.

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वो विकास के पर्सनल बॉडी गार्ड का भी काम करता था. वो हमेशा असलहे से लैस रहता था. पुलिस को अमर के विकास दुबे के साथ ही भागने की जानकारी तब हुई जब पुलिस को उसकी फोर्ड कार औरैया-दिबियापुर हाइवे पर मिली थी. कार के अंदर मिले दस्तावेजों से अमर के लखनऊ स्थित घर का पता चला था.
29जून को हुई थी शादी

एनकाउंटर में मारे गए अमर दुबे की इसी 29 जून को शादी हुई थी. अमर दुबे, विकास के चचेरे भाई संजय दुबे का बेटा है. अमर के सगे चाचा अतुल और विकास दुबे के मामा प्रेम प्रकाश का 3 जुलाई को पुलिस ने बिकरू गांव के पास एनकाउंटर किया था. अमर अपने चाचा अतुल दुबे के साथ विकास दुबे का मुख्य शूटर था.

हमीरपुर के एसपी श्लोक कुमार का कहना है कि अमर दुबे की छिपे होने की सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की थी. इस दौरान अमर ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी एनकाउंटर में वह मार गिराया गया. उसके पास से एक ऑटोमेटिक हथियार और बैग मिला है. इस एनकाउंटर में एसओ और एसटीएफ के एक कॉन्स्टेबल को गोली लगी है.

पुलिस कैसे की एनकाउंटर

इस बीच एसटीएफ विकास दुबे को तो नहीं पकड़ पाई लेकिन उसने प्रभात और अंकुर नाम के उसके दो करीबियों को गिरफ्तार कर लिया है. अंकुर के बारे में बताया जाता है कि उसी ने फरीदाबाद में विकास दुबे के छिपने में मदद की थी. वो विकास दुबे के लिए होटल बुक करने की कोशिश कर रहा था.

पिछले 24 घंटे में सामने आए 22,752 नए COVID-19 मामले, देश में कुल 7,42,417 कोरोना मरीज़ हुए

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नई दिल्ली: 
दुनियाभर में सबसे ज्यादा कोरोनावायरस के मामलों में तीसरे नंबर पर चल रहे भारत में इस वायरस से कुल संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ती ही जा रही है. बुधवार यानी 8 जुलाई को देश में पिछले 24 घंटों में संक्रमण के 22,752 नए केस सामने आए हैं, वहीं 482 लोगों की मौत हुई है. ये नए केस सामने आने के बाद से देश में कोरोनावायरस के कुल 7,42,417 मामले हो गए हैं, वहीं देश में कुल मौत का आंकड़ा 20,642 पर पहुंच गया है. अब तक देश में कोविड-19 से ठीक होने वाले कुल मरीजों की संख्या 4,56,831 हो चुकी है. फिलहाल देश में रिकवरी रेट 61.53% पर चल रहा है. वहीं पॉजिटिविटी रेट 8.66 फीसदी पर है. यानी जितने सैंपलों की टेस्टिंग हो रही है, उसमें से 8.66 फीसदी सैंपल पॉजिटिव आ रहे हैं. 

दुनिया में

1,17,48,842मामले
47,68,920सक्रिय
64,41,331ठीक हुए
5,38,591मौत
कोरोनावायरस अब तक 186 देशों में फैल चुका है. July 8, 2020 10:54 am बजे तक दुनियाभर में कुल 1,17,48,842 मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 5,38,591 की मौत हो चुकी है. 47,68,920 मरीज़ों का उपचार जारी है और 64,41,331 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है. .

भारत में

7,42,41722752मामले
2,64,9445387सक्रिय
4,56,83116883ठीक हुए
20,642482मौत
भारत में, 7,42,417 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें 20,642 मौत शामिल हैं. July 8, 2020 8:00 am बजे तक भारत में सक्रिय मामलों की संख्या 2,64,944 है और 4,56,831 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है.

राज्यवार व जिलावार विवरण

राज्यमामलेसक्रियठीक हुएमौत
2171215134
893131614
1185583296
9250224
211971178
11200340
9745825
25213
268151498
15301912
11098571
41615
190390
739
115695
81
1185943616
45842
711164545
163665
5894272
2415161
3452111
27
3415110
65026
275184
14
276121879
11012366
162871506
3137
10097571
3352350
6703217
424
15627343
3237149
11768189
6225
37550778
8853356
26720405
197717
21404716
4357408
16575297
47211
17999495
4075182
13645310
2793
299681332
9514796
19627518
82718
1028312008
25449
742172129
316550
12522362
4179
8329447
14
125
55
705
0
12570445
3182151
9284287
1047
23837850
7243270
15790555
80425
1476
725
751
0
930128
48223
434103
142
2766
169
10513
2
625
382
243
0
0
0
0
0
2996149
870111
210436
222
170424
455
124829
1
104136
20436
836
1
8931256
3389170
539981
1435
10836
282
79027
11
6749258
2020192
455460
1756
323069
56633
262135
431
143040
6593
77137
0
4945
864
401
71
80
36
43
1
197
64
133
0
0
0
0
0
अगर टेस्टिंग की बात करें तो 7 जुलाई को अब तक सबसे बड़ी संख्या टेस्टिंग की गई है. पिछले 24 घंटों में 2,62.679 सैंपल टेस्टिंग हुई है. देश में वायरस कां संक्रमण फैलने के बाद से 7 जुलाई तक देश में 1,04,73,771 सैंपलों की टेस्टिंग की जा चुकी है. यह थोड़ी राहत की बात है कि संक्रमण के लगातार बढ़ती संख्या के बीच टेस्ट की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में टेस्टिंग लैब्स की संख्या में बढ़ोतरी करने के चलते टेस्ट की संख्या में इजाफा देखने को मिला है. देश में 1115 टेस्टिंग लैब्स बढ़ाने का ही नतीजा है कि अब तक देश में एक करोड़ से ज्यादा लोगों का कोरोना टेस्ट हो चुका है.
बता दें कि मंगलवार को उसके पिछले 24 घंटों के भीतर देश में 22,252 नए COVID-19 मामले दर्ज किए गए थे, वहीं 467 मरीज़़ों ने जान गंवाई थी. 
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